press-vani
  • press-vani
  • press-vani
  • press-vani
राफेल पर सरकार की आपत्ति दर्ज, फैसला रोका

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राफेल सौदा मामले में पुनर्विचार याचिका पर सरकार की शुरुआती आपत्तियों पर सुनवाई पूरी कर ली। फैसला सुरक्षित रखा गया है। कोर्ट ने कहा कि सरकार की प्रारंभिक आपत्ति पर फैसला होने के बाद ही तथ्यों पर विचार किया जाएगा। पुनर्विचार याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता गैरकानूनी रूप से प्राप्त किए गए विशेषाधिकार वाले दस्तावेजों को आधार नहीं बना सकते हैं। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि आप दस्तावेज़ों के विशेषाधिकार की बात कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए आपको सही तर्क पेश करने होंगे।
राफेल डील पर सरकार के द्वारा जो दस्तावेज पेश किए गए हैं, उसपर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान अरुण शौरी ने कहा कि अटॉर्नी जनरल ने हलफनामे में दस्तावेजों के असली होने की बात स्वीकारी है। जिसके लिए हम उन्हें शुक्रिया कहेंगे। अटॉर्नी जनरल ने दाखिल किए गए हलफनामे में कहा कि फोटो कॉपी के माध्यम से राफेल डील के दस्तावेजों को लीक किया गया।
जस्टिस जोसेफ ने अटॉर्नी जनरल से कहा कि जिन दस्तावेजों के बारे में बात हो रही है, हम उनके बारे में जानते ही नहीं हैं। उन दस्तावेजों में ऐसा क्या है जिसे हम भी नहीं देख सकते हैं। इसपर अटॉनी जनरल ने कहा कि उन दस्तावेजों को देखा जा सकता है। इस सौदे में साफ है कि ये सरकारों के बीच का सौदा है, इसलिए दाम बताना उचित नहीं है। प्रशांत भूषण ने कहा कि 2जी में भी ऐसा ही हुआ था। किसी अंजान व्यक्ति ने पूर्व सीबीआई डॉयरेक्टर रंजीत सिन्हा के घर का एंट्री रजिस्टर दिया था। भूषण ने 2जी और कोल घोटाले के संबंध में आरोपियों की बैठकों का भी जिक्र किया। हालांकि कोर्ट ने इस तर्क को मामने से इंकार कर दिया है।

अटॉर्नी जरनल ने कहा कि राफेल दो सरकारों के बीच का मामला है। इसलिए हमने कैग को कहा था कि रिपोर्ट में दाम का जिक्र न करें। इसपर प्रशांत भूषण ने कहा कि इसमें भ्रष्टाचार हुआ है, इसलिए सरकार यह चाहती है कि कोर्ट इसमें दखल न दें। सुप्रीम कोर्ट में तर्क देते हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि सुरक्षा से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती है। इसपर जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा कि जिन संस्थानों में ऐसा नियम है और अगर उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं तो जानकारी देनी पड़ती है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस एसके कौल ने अटॉनी जनरल से कहा कि आप विशेषाधिकार की मांग कर रहे हैं, लेकिन आप दस्तावेज बदल रहे हैं। अटॉनी जनरल ने कहा कि दस्तावेज दूसरी पार्टी ने पेश किए हैं, हमने नहीं।
इससे पूर्व राफेल पर सुनवाई शुरू होते ही सुप्रीम कोर्ट ने अटॉनी जनरल से कहा कि कैग की जो रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई थी, उनमें कुछ कागजात नहीं थे। रिपोर्ट के शुरुआती तीन पन्ने गायब थे। चीफ जस्टिस ने कहा कि आपको सही तर्क पेश करने होंगे।

press-vani
हम लोगों की बात...
press-vani ad