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मोदी को क्या याद आया मध्यम वर्ग?
March 13, 2017


विनोद पाठक
गरीब की बात करते-करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्यों मध्यम वर्ग की याद आ गई? क्यों उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग पर बहुत बोझ है। टैक्स का सबसे अधिक भार मध्यम वर्ग उठाता है। गरीब आर्थिक रूप से मजबूत होगा तो मध्यम वर्ग से ये भार कम होगा। पांच राज्यों, विशेषकर उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड में अपनी पार्टी भारतीय जनता पार्टी की अप्रत्याशित जीत के बाद यूं ही मोदी को मध्यम वर्ग की याद नहीं आई है। मध्यम वर्ग के लिए माना जाता है कि वो शहरों में ज्यादा रहता है और भाजपा का समर्थक है। गरीबों और पिछड़ों के हितों की बात करते-करते मोदी के जेहन में अपने समर्थकों को ख्याल आना आगामी चुनावों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हर पार्टी आज गरीब, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की बात तो कर रही है, लेकिन मध्यम वर्ग को भूल जाती है। यदि मोदी आगामी दो वर्षों में मध्यम वर्ग को करों में राहत और अवसर, जैसा उन्होंने कहा भी कि ये लोग अपना रास्ता खुद बना लेते हैं और बस इनकी राह के रोड़े कम करने की जरूरत है, तो वर्ष 2019 तो क्या वर्ष 2024 में भी मोदी को दिल्ली की सत्ता से कोई नहीं हटा पाएगा।
आखिर कौन है मध्यम वर्ग। यूनाइटेड नेशन के यूरोमॉनिटर के अनुसार 266 रुपए से 399 रुपए प्रति दिन खर्च करने वाला निम्न मध्यम वर्ग की श्रेणी में आता है और 399 रुपए से 665 रुपए प्रति दिन खर्च करने वाला उच्च मध्यम वर्ग में। पिछले दो दशक में गरीब तबका निम्न मध्यम वर्ग में शिफ्ट हुआ है और निम्न मध्यम वर्ग उच्च मध्यम वर्ग में। निम्न मध्यम वर्ग की बात करें तो रेहड़ियां लगाने वाले, फूड इंडस्ट्री से जुड़े, चमड़े का काम करने वाले, पेंटर व कारपेंटर, निर्माण से जुड़े, कपड़े और धुलाई की दुकान चलाने वाले, केबल व इलेक्ट्रिकल वर्कर जैसे कई लोग आते हैं। उच्च मध्यम वर्ग में टैक्स देने वाले नौकरीपेशा, अपना व्यवसाय करने वाले जैसे लोग आते हैं।
भारत में तेजी से मध्यम वर्ग की संख्या बढ़ रही है। नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमी रिसर्च के अनुसार वर्ष 2016 में भारत में करीब 26.7 करोड़ मध्यम वर्गीय जनसंख्या थी, जिसके वर्ष 2025-26 में बढ़कर 54.7 करोड़ होने का अनुमान है। वर्ष 2030 में तो भारत में जनसंख्या के हिसाब से सबसे ज्यादा मध्यम वर्ग होगा और हम चीन व अमेरिका को पीछे छोड़ देंगे।
मोदी भविष्य को पढ़ने वाले लीडर हैं। उन्हें पता है, बढ़ता मध्यम वर्ग और नए जुड़ते मध्यम वर्ग को साथ लेकर बड़े से बड़े चुनाव जीते जा सकते हैं। मोदी ने अपने विजयी भाषण से स्पष्ट कर दिया है कि मध्यम वर्ग को कड़े फैसलों के बीच राहत मिल सकती है। दाल और सिलेंडर के दाम में बढ़ने पर दुखी होने वाले मध्यम वर्ग के दिन बहुरेंगे, ये कहना अभी बेमानी है, लेकिन यह निश्चित है कि उसके के लिए अच्छे दिन आने वाले हैं।

 
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