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माफी मांग स्मिथ बड़े हो गए और संयम तोड़ विराट बहुत छोटे
March 30, 2017


विनोद पाठक
बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर, पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर... कबीर ने अपने इस दोहे में कहा है कि खजूर के पेड़ के भांति बड़े होने का कोई फायदा नहीं है, क्योंकि इससे न तो यात्रियों को छाया मिलती है, न इसके फल आसानी से तोड़े जा सकते हैं, अर्थात बड़प्पन के प्रदर्शन मात्र से किसी का लाभ नहीं होता| इनदिनों भारतीय कप्तान विराट कोहली पर यह दोहा सटीक सा बैठ रहा है। भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज में दोनों टीमों के बीच तल्खी रही। ऑस्ट्रेलिया टीम की स्लेजिंग का भारतीय खिलाड़ियों ने जोरदार ढंग से जवाब दिया। यह बात मैदान में खत्म हो जाती तो हर्ज नहीं था। धर्मशाला टेस्ट की जीत के बाद कप्तान कोहली ने जो कहा, उसे भारतीय संस्कृति और संस्कारों के अनुरूप नहीं कहा जा सकता। कोहली का यह कहना कि अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों के साथ मित्रता का व्यवहार नहीं होगा, बिल्कुल उचित नहीं ठहराया जा सकता। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और खिलाड़ियों ने पूरी सीरीज में कोहली को निशाने पर लिए रखा और अब भी वो उनके मीडिया के प्रहारों का शिकार बन रहे हैं। भारतीय कप्तान को वहां की मीडिया अहंकारी, स्तरहीन और बिगडैल जैसी उपमा दे रही है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटरों ने कोहली की आलोचना की है। इस सबके लिए कोहली स्वयं जिम्मेदार हैं।
मैदान पर उत्साह और जोश हमेशा अच्छा लगता है, लेकिन मैदान के बाहर ऐसे बयान देने का अति उत्साह कोहली जैसे क्रिकेटर का स्तर गिराता है। ऐसा नहीं है कि पहले के भारतीय कप्तान या खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की स्लेजिंग का शिकार न हुए हों या उन्हें मीडिया ने निशाने पर न लिया हो। भारत ही क्यों वो तो एशियाई टीमों पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के खिलाफ यही रुख रखते हैं। इसी कारण ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों और मीडिया की आलोचना होती है। कोहली को अपने पूर्व के कप्तानों महेंद्र सिंह धोनी, राहुल द्रविड़, सौरभ गांगुली औऱ सचिन तेंदुलकर से सीखने की जरूरत है। धोनी को तो कैप्टन कूल की उपाधि से नवाजा गया है। गांगुली में कोहली जैसा अति उत्साह था और वो ऑस्ट्रेलिया को उसी की भाषा में जवाब देते थे, लेकिन उन्होंने मर्यादा की सीमा को कभी नहीं लांघा।
ऑस्ट्रेलिया स्लेजिंग के लिए बदनाम है, लेकिन इस बार कप्तान स्टीव स्मिथ ने फल लदे वृक्ष की भांति झुककर खुद को बहुत ऊंचा उठा लिया। उन्होंने न केवल अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी, बल्कि भारतीय टीम को बियर पार्टी के लिए न्योता दिया। स्मिथ की माफी का जवाब कोहली उन्हें माफ करने के अंदाज में देते तो उनका कद और ऊंचा हो जाता। यदि वो स्मिथ की पार्टी का प्रस्ताव स्वीकार करते तो ठंडी बियर के साथ निश्चित तल्खी बह जाती। भारतीय कप्तान को अभी लंबी पारी खेलनी है। वो मैदान में अपने खेल में जोश दिखाएं और बाहर व्यवहार में संयम रखें तो महान कहलाएंगे।

 
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