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समय से पहले सक्रिय !!
November 26, 2019


devendra garg
महारानी सक्रिय हो गई हैं। अपनी इच्छा से नहीं, साधु-संतों की राय से। उनसे कहा गया है कि इस समय ग्रहों की चाल पक्ष में प्रबल है। जिसका लाभ उठाना चाहिए। ऐसा सुझाने वाले एक ढूंढाड़ तो दूसरे पीतांबरा पीठ के संत-पुरुष हैं। महारानी इन्हें बड़ा मानती हैं। तभी तो सत्ता से हटने के साल भर के अंदर ही अचानक से सक्रिय हुई हैं। वरना तो अगले चुनाव के आस पास गतिशील होना था। जैसा कि पूर्व में दो बार कर चुकी हैं।
वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव से साल भर पहले महारानी राजस्थान भाजपा की अध्यक्ष बन मैदान में उतरी और बाजी ले गईं। फिर वर्ष 2008 के चुनाव से कुछ समय पहले सक्रिय होकर सफलता दोहराई। इसीलिए अबकी बार भी यही माना जा रहा था कि चार-साढे चार साल यहां-वहां टाइम-पास करने के बाद वे राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगी। किंतु संत-महात्माओं में अटूट आस्था रखने से इनका सुझाव टाल नहीं पाईं।
संतों की वाणी जल्दी सुनाई देने से महारानी के कदम समय से पहले चल पड़े। सबसे पहले संघ के मार्गदर्शकों का आशीर्वाद लेने निकलीं। जयपुर स्थित भारती भवन का रुख किया। पर रास्ते में ही पता चला कि प्रांत प्रमुख सेवा भारती की बहुमंजिली इमारत में डेरा डाले हुए हैं। महारानी के वाहनों का काफिला उस ओर मुड़ गया। वहां प्रांत प्रमुख से एकांत में मंत्रणा की। एक शख्स ने फोटो खींचकर दोनों का एकांत भंग करने का दुस्साहस किया तो उसे कड़ी फटकार पड़ गई। इसके बाद फोटो कैमरे में ही रहने दी गई, मीडिया को जारी नहीं की गई।
महारानी अब प्रांत प्रमुख से मुलाकात के असर का इंतजार करेंगी। वो देखेंगी कि उनकी सक्रियता पर संघ का रुख क्या बनता है। यदि प्रांत प्रमुख सकारात्मक दिखे तो ठीक, नहीं तो दिल्ली या नागपुर का रुख किया जाएगा।

 
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