press-vani
  • press-vani
  • press-vani
  • press-vani
एक और उप मुख्यमंत्री !
November 26, 2019


devendra garg
कांग्रेस की राष्ट्रीय मुखिया वरिष्ठ पार्टी जन के लिए बड़ी ही सुविधाजनक स्थिति बनाए रखती हैं। वरिष्ठो को उनसे काम निकलवाने में कभी कोई दिक्कत नहीं हुई। इन वरिष्ठों में एक राजस्थान सरकार के मुखिया भी हैं। इन्हें अबकी तीसरी बार सत्ता संभालने के समय से ही दूसरे सत्ता केन्द्र से समस्या है। उन्हें हटाना संभव नहीं हो रहा है, इसलिए प्लान-बी पर काम शुरू किया है। मतलब अगले के बगल में एक और बराबर का ओहदेदार खड़ा करने का प्लान।
चूंकि ये काम ऊपर से होना है और कांग्रेस मुखिया से काम निकलवाना आसान है, इसलिए उनसे मिलकर यह फूंक मारी गई है कि जातीय समीकरण साधने के लिए एक और उप-मुख्यमंत्री का होना जरूरी है। बात मनवाने के लिए और भी तर्क दिए गए हैं। बताते हैं कि पार्टी मुखिया ने राज्य सरकार के मुखिया की बात गौर से सुनी है। कुछ तर्कों पर दोनों में एकराय भी बनी है। अब बस वो राजी हो जाएं, इसी का राज्य मुखिया को इंतजार है।
यदि बात बन जाती है तो राज्य मुखिया बड़ी राहत महसूस करेंगे। क्योंकि अभी वे पूरी तरह खुलकर राज नहीं कर पा रहे हैं। जो उनके स्वभाव के विपरीत है। आखिर हालात से समझौते की भी एक सीमा होती है। सरकार के मुखिया जल्द से जल्द यह सीमा पार करना चाहते हैं। क्योंकि उनके कार्यकाल के पांच साल में एक साल निकलने को आया। बाकी बचे हैं सिर्फ चार साल। इन चार सालों में स्वच्छंद राज नहीं किया तो मुसीबत खड़ी होना तय है। हो सकता है यह उनकी सियासी यात्रा का आखिरी दौर हो। मुसीबत खड़ी होने पर इस आखिरी दौर के बे-मजा होने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।

 
Leave a Reply

Recent Posts