press-vani
  • press-vani
  • press-vani
  • press-vani
कहीं लापरवाही, कहीं समझदारी

कोरोना वायरस के चलते पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया है। फिर भी बहुत से लोग इसकी गंभीरता को समझने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला श्रीगंगानगर जिले में सामने आया है। यहां दूल्हा शादी के लिए बारात लेकर रवाना हो गया। शादी के बाद दुल्हन को लेकर आते समय बीच राह में पुलिस ने दूल्हे और उसके रिश्तेदारों को पकड़ लिया। बाद में उन्हें समझा-बुझाकर छोड़ा गया।
जानकारी के अनुसार मामला श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान इलाके का है। वहां हनुमानगढ़ जिले का दूल्हा बारात लेकर आया था। बारात में करीब 10-11 लोग शामिल थे। शादी के बाद दुल्हन को लेकर जाते समय बारात को रास्ते में पुलिस ने रोक लिया। पुलिस ने दूल्हे और बारातियों को गाड़ी से नीचे उतारकर उनसे पूछताछ की। दूल्हे और उसके परिजनों ने शादी के लिए एसडीएम से अनुमति लिए जाने की बात कही, लेकिन वे पुलिस को इसका कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इस पर पुलिस ने दूल्हे को एक पर्चा थमा दिया और उसका फोटो लिया। इस पर्चे पर लिखा था 'मैं समाज का दुश्मन हूं। किसी के कहने पर घर नहीं बैठूंगा। मैं खुद मरुंगा और सबको भी मारुंगा। उसके बाद पुलिस ने उनको समझाकर घर भेज दिया गया।
इससे विपरीत बीते 22 मार्च को 'जनता कर्फ्यू' के दौरान राजधानी जयपुर में एक युवक ने पीएम नरेन्द्र मोदी की अपील का अक्षरशः पालन करते हुए महज परिवार के 5 लोगों के बीच बंद कमरे में सात फेरे लिए थे। जयपुर के ब्रह्मपुरी का राजेश पिछले रविवार को बिना बारात के ही शादी करने निकला। दूल्हे ने कहा कि कोरोना वायरस फैलने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी बनाने की जरूरत है। बारात ले जाने से सड़क पर भीड़ जमा होती। वहीं, दूल्हे के पिता और भाई ने बताया कि हिंदू मान्यताओं के अनुसार शादी की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जा सकती थी। ऐसे में वधू पक्ष से बातचीत के बाद निर्धारित समय पर बंद कमरे में ही शादी करना तय किया गया।

press-vani
हम लोगों की बात...
press-vani ad