press-vani
  • press-vani
  • press-vani
  • press-vani
मरणासन्न आई थीं, अब हुई शादी

जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित लवकुश संस्थान में आज अलग ही नजारा था। मां की मौत के बाद बाप ने कभी जिन दो बहनों को मरणासन्न अवस्था में यहां छोड़ दिया था, उनकी आज शादी हुई, जिसके साक्षी बने शहर के लोग और उनके साथ बरसों से रहने वाले 60 बच्चे।
अनाथ बच्चों की लवकुश संस्थान में बड़ी हुई सोनू और बसंती का विवाह सोमवार को शहर के प्रियेश और गौरव के साथ हुआ। दूल्हा बने दोनों युवक किराणा व्यवसायी हैं। उन्होंने खुद अपना कारोबार खड़ा किया है। शादी में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, निवर्तमान महापौर घनश्याम ओझा समेत शहर के कई गणमान्य लोगों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
लवकुश संस्थान के संचालक राजेन्द्र परिहार ने बताया कि बरसों पहले डेढ़ वर्ष की सोनू और 6 माह की बसंती की मां की मौत हो गई थी। इनके पिता दोनों को यहां छोड़ गए थे। उस समय इन दोनों की हालत बहुत खराब थी और बचने की संभावना भी नजर नहीं आ रही थी। संस्थान ने दोनों को अपने यहां रखा। सोनू ने पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा कोर्स किया है और बसंती ने बीए कर रखा है। समाजसेवी भगवान सिंह परिहार ने अनाथ बच्चों का पालने के लिए वर्ष 1989 में लवकुश संस्थान की स्थापना की। अब तक 1144 बच्चों को गोद दिया जा चुका है। कुल 20 लड़कियों की शादी की जा चुकी है।

press-vani
हम लोगों की बात...
press-vani ad