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सदन में मंत्रियों की मौजूदगी पर सख्ती

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी अपने ही तरीके से सदन को चला रहे हैं। उनकी व्यवस्थाएं और आदेश कर्मचारियों, पत्रकारों, यहां तक कि नेताओं को भी अनुशासित होने पर मजबूर कर दे रहे हैं। उन्होंने सदन में विधायकों-मंत्रियों के आचरण को लेकर कड़े तेवर अपना रखे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को डॉ. जोशी ने सभी मंत्रियों को शून्यकाल तक सदन में मौजूद रहने के निर्देश जारी कर दिए। उन्होंने शून्यकाल तक सभी मंत्रियों को सदन में रहने के निर्देश देते हुए यहां तक कह दिया कि मंत्रियों के 'चैम्बरों पर ताला लगवा दूंगा, सभी यहां बैठें'।
विधानसभा में प्रश्नकाल खत्म होते ही ज्यादातर मंत्री सदन से गायब हो जाते हैं। शून्यकाल के दौरान ज्यादातर मंत्री सदन से गायब मिलते हैं, जबकि इस सत्र में विधायक स्थगन प्रस्ताव, पर्ची और नियम-295 के तहत स्थानीय समस्याओं से जुड़े मुद्दे उठाते हैं। विधायकों के स्थानीय मुद्दे उठाने के दौरान मंत्रियों द्वारा जवाब देना तो दूर वो सदन में मौजूद ही नहीं रहते। मंत्रियों के शून्यकाल से गायब रहने पर बुधवार को नेता प्रतिपक्ष और उपनेता प्रतिपक्ष ने आपत्ति जताते हुए अध्यक्ष से व्यवस्था देने को कहा था। इस पर गुरुवार को विधानसभाध्यक्ष ने मंत्रियों को पूरे शून्यकाल के दौरान सदन में रहने के निर्देश जारी कर दिए।
दो दिन पहले मंगलवार को भी विधानसभाध्यक्ष ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते मंत्रियों से सभी सवालों के जवाब दिलवाए। भाजपा विधायकों के हंगामे और प्रश्नकाल के बहिष्कार के बावजूद डॉ. जोशी ने विधानसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही को संपन्न करवाया। इस दौरान डॉ. जोशी ने भी आसन से 6 सवाल मंत्रियों से पूछे और उनके पूरक सवाल भी पूछे। सदन में मौजूद दूसरे विधायकों को भी पूरक प्रश्न पूछने मौका दिया।

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