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किराएदारी होगी आसान

देश में जल्द मकान और दुकान किराये पर लेना-देना और आसान हो जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक मॉडल किरायदार अधिनमियम अंतिम चरण में है। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में इसे अंतिम रुप देने के लिए मंत्रियों के समूह की 2 मुलाकातें भी हो चुकी है। सरकार का इरादा अगस्त में इस पर कैबिनेट से मंजूरी लेने का है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा है कि सरकार रेंटल हाउसिंग के बारे में आदर्श किराया कानून बनाएगी। उन्होंकने कहा कि रेंटल हाउसिंग से जुड़े मौजूदा कानून पुराने हैं और वे संपत्ति मालिक और किरायेदार की दिक्कतों को दूर करने में असमर्थ हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक मकान मालिक और किराएदार के वित्तीय रिश्तों और अधिकारों को नए सिरे से परिभाषित किया जाएगा।
नए कानून के प्रावधानों में कहा गया है कि मकान मालिक 3 महीने के किराये से ज्यादा सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं ले सकेगा। मकान खाली करने की सूरत में 1 महीन में सिक्योरिटी वापस करनी होगी। मकान मालिक मकान के नवीनीकरण के बाद किराया बढ़ा सकता है। मकान मालिक को मकान में आने के 1 दिन पहले नोटिस देना होगा। झगड़े की स्थिति में कोर्ट की बजाय स्पेशल किराया ट्रायबूनल बनाए जाएंगे। किरायेदार मकान को आगे किराये पर नहीं दे सकता है।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा है कि नए कानून के तहत मकान मालिकों के मनमर्जी किराए बढ़ाने और रोक-टोक करने के साथ-साथ किराएदारों को आने वाली कई अन्य परेशानियों पर रोक लगाई जा सकेगी। इस कानून में मकान मालिक के अधिकारों का भी ख्याल रखा जाएगा। निर्मला सीतारमण ने कहा कि नए किराया कानून को अंतिम रूप देकर राज्योंख को भेजा जाएगा। (साभार---सीएनपीसी-आवाज)

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