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भारत की अग्नि परीक्षा

- देवेन्द्र गर्ग -
पिछले एक साल में विराट कोहली के नेतृत्व में घरेलू सीरीजों में भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। मगर विदेशी धरती पर तेज गेंदबाजों के सामने भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरी सामने आती रही है। अब भारतीय टीम का 5 जनवरी से दक्षिण अफ्रीका दौरा शुरू हो रहा है। इस दौरे पर जा रही भारतीय टीम अब तक की सबसे संतुलित और फिजिकली फिट टीम मानी जा रही है। इसलिए टीम इंडिया से भारतीय खेल प्रेमियों को बहुत उम्मीद है कि इस बार टीम विदेश में भी सीरीज जीतकर ‘घर के शेर’ कहलाने वाली परिपाटी तोड़ देगी। उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका में टीम इंडिया आज तक टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है।
भारत इस समय टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन है और दक्षिण अफ्रीका नंबर दो। इसलिए खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि इस शृंखला में उनको शानदार खेल देखने को मिलेगा। अगर भारतीय टीम इस दौरे पर अच्छा प्रदर्शन करती है और अपनी नंबर एक रैंकिंग को बरकरार रख पाती है तो निर्विवाद रूप से विश्व की सबसे मजबूत टीम मानी जाएगी।
टीम इंडिया चार साल के बाद दक्षिण अफ्रीका जा रही है। भारत को दक्षिण अफ्रीका में तीन टेस्ट मैच, 6 वनडे और तीन टी 20 मैच खेलने हैं। इस दौरे पर भारतीय बल्लेबाजों की अग्नि परीक्षा होगी। भारत की सलामी जोड़ी कौन होगी इस पर अभी तक संशय है। कप्तान कोहली की पहली पसंद मुरली विजय हैं। उनका विदेशी धरती पर प्रदर्शन भी ठीक रहा है। केएल राहुल और शिखर धवन के बीच मुरली विजय का जोड़ीदार बनने की होड़ है। कप्तान कोहली को इन दोनों में से एक को चुनना होगा।
बल्लेबाजी के मोर्चे पर चेतेश्वर पुजारा से इस दौरे पर सबसे ज्यादा उम्मीद लगाई जा रही है। घरेलू पिचों पर इस बल्लेबाज ने शानदार प्रदर्शन किया है मगर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के पिछले दौरे पर वहां की तेज पिचों पर वे उतने कामयाब नहीं हो सके थे। पुजारा के आलावा अजिंक्य रहाणे से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। रहाणे ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने विदेशी पिचों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि अभी उनकी फार्म चिंता का विषय बनी हुई है। इस दौरे पर सबकी निगाहें विराट कोहली की बल्लेबाजी पर रहेंगी। अभिनेत्री अनुष्का शर्मा से शादी रचाकर अपना हनीमून पूरा करने के बाद उनका प्रदर्शन कैसा रहता है, प्रत्येक खेल प्रेमी इस पर नजरें गड़ाए बैठा है। रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ एक दिवसीय मुकाबले में दोहरा शतक लगाकर अपनी फार्म दर्शाई है। अब उनकी यह फार्म दक्षिण अफ्रीकी तेज पिचों पर कितनी कारगर होगी यह देखने वाली बात है। विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धिमान साहा को भी मध्य क्रम में अच्छा प्रदर्शन करना होगा वरना एवजी विकेटकीपर पार्थिव पटेल टीम से उनकी जगह छीन सकते हैं।
तेज पिचों पर कप्तान कोहली निश्चित रूप से चार तेज गेंदबाजों के साथ मैदान में उतरेंगे। उनके पास भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, ईशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह में तीन गेंदबाजों को चुनने का विकल्प होगा। आलराउंडर हार्दिक पंड्या निश्चित रूप से चौथे तेज गेंदबाज की भूमिका निभाएंगे। पंड्या मध्यक्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने के साथ-साथ 140 की रफ्तार से गेंदबाजी करने की क्षमता रखते हैं। हार्दिक के असफल होने पर कोहली के पास आलराउंडर के रूप में विजय शंकर का भी विकल्प है।
दक्षिण अफ्रीका की कंडीशन्स को देखते हुए भारतीय टीम एक से ज्यादा स्पिनर खिलाने की स्थिति में नहीं होगी। ऐसे में आर अश्विन या रवींद्र जडेजा दोनों में से एक ही खेल पाएंगे।
दक्षिण अफ्रीका टीम को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक माना जाता है। मगर दक्षिण अफ्रीका की टीम दुनिया की सबसे अप्रत्याशित परिणाम देने वाली टीम भी मानी जाती है। जिस टीम को कोई नहीं हरा सकता, उसे यह टीम आसानी से हरा देती है और जिस टीम से कोई नहीं हारता, उस टीम से दक्षिण अफ्रीका आसानी से हार जाती है।
इस दौरे पर मेजबान टीम की कप्तानी फाफ डुप्लेसिस करेंगे। वे इस समय विश्व क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ खिलाडिय़ोंं में से एक माने जाते हैं। डुप्लेसिस के अलावा एबी डीविलियर्स भी भारतीय गेंदबाजों को परेशान कर सकते हैं। इसके अलावा अपनी बल्लेबाजी से इतिहास रच रहे हाशिम आमला भी भारतीय गेंदबाजों के सामने दीवार बनकर खड़े हो सकते हैं। हाशिम टेस्ट मैचों में 28 शतक ठोक चुके हैं।
भारतीय बल्लेबाजों के लिए हरी-भरी घासयुक्त पिचों पर मेजबान टीम के तेज गेंदबाज, कगीसो रबाडा, मोर्ने मोर्केल और वर्नोन फिलैंडर की तिकड़ी का सामना करना सबसे बड़ी चुनौती होगी। रबाडा की गेंदों का पेस और उछाल मेहमान बल्लेबाजों के लिए परेशानी का सबव हो सकता है। फिलैंडर दोनों तरफ गेंदों को स्विंग कराने में माहिर हैं तो मोर्ने मार्केल नई और पुरानी दोनों गेंदों से मूव कराने में महारत रखते हैं। ये तीनों मेजबान गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
भारत को अगले दो साल में उपमहाद्वीप से बाहर 16 टैस्ट मैच खेलने हैं। इसलिए दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर भारतीय टीम के प्रदर्शन का असर आगामी खेले जाने वाली अन्य विदेशी शृंखलाओं पर भी पड़ेगा। टीम इंडिया द.अफ्रीका दौरे पर जीत सकती है, बस उसे बेखौफ क्रिकेट खेलने की जरूरत है।
‘यो-यो टेस्ट’ से सुधारी फिटनेस
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए फिटनेस का मुद्दा शुरू से ही अहम रहा है और अकसर इस पर विशेषज्ञ उंगली उठाते रहे हैं। अब भारतीय खिलाडिय़ों के लिए रैंडम फिटनेस टेस्ट जरूरी बना दिया गया है। इसके तहत खिलाडिय़ों को कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना होता है। ‘यो-यो टेस्ट’ को पास नहीं कर पाने के कारण ही युवराज सिंह, सुरेश रैना और अमित मिश्रा जैसे स्टार खिलाडिय़ोंं को टीम से बाहर होना पड़ा है। ‘यो-यो टेस्ट’ के बाद भारतीय क्रिकेटरों को अब डीएनए टेस्ट से भी गुजरना पड़ रहा है। डीएनए टेस्ट सबसे पहले अमेरिका में एनबीए (बास्केटबॉल) और एनएफएल में शुरू किए गए थे। इस परीक्षण से खिलाड़ी की रफ्तार बढ़ाने, मोटापा कम करने, दमखम बढ़ाने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने की क्षमता की जांच की जाती है।
द. अफ्रीका दौरे के लिए भारतीय टीम
विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे (उप-कप्तान), मुरली विजय, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा, रिद्धिमान साहा, आर. अश्विन. आर. जडेजा, पार्थिव पटेल, हार्दिक पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा, उमेश यादव और जसप्रीत बुमराह।

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एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
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