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गांधीवादी गहलोत

- डॉ. सत्यनारायण सिंह -
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पिछले दो और अब तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही जो उल्लेखनीय कार्य हुए हैं, उनकी कोई मिसाल नहीं है। अशोक गहलोत पक्के गांधीवादी साबित हुए है। गरीब, असहाय वर्ग की सहायता में उन्हें असीम प्रसन्नता होती है। वर्तमान दौर में उन्होंने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए है।
अपने प्रथम कार्यकाल में उन्होंनें राजस्थान पर छाए अकाल का जिस खूबी, तत्परता, संवेदनशीलता, मानवता व दूरदर्शिता से मुकाबला किया, वह प्रदेश के गांवों में आज भी सराहा जा रहा है। उन्होंने प्रत्येक पंचायत पर अनाज का स्टॉक रखवाया। अकाल के दिनों में भी देखा गया कि अत्यधिक गरीब के घर में भी अनाज की कमी नहीं थी, जबकि उनके शासनकाल के पूर्व भयंकर अकाल में सैकड़ों लोगों व हजारों मवेशियों की मृत्यु होती थी। इसके अलावा बड़े पैमाने पर मनुष्य मजदूरी के लिए और जानवर चारे-पानी के लिए दूसरे इलाकों व राज्यों में पलायन कर जाते थे।
गहलोत ने अपने दूसरे शासनकाल में जन कल्याण कार्यों की झड़ी लगा दी। निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और दवा की व्यवस्था, जननी शिशु सुरक्षा योजना, वृद्धजनों को पेंशन एवं सहूलियतें, पिछड़े क्षेत्रों में विशेष कार्य, अनुसूचित जाति सब प्लान, नगरीय विकास एवं सौन्दर्यकरण गहलोत के सभी फ्लेक्सिबल प्रोगामों की सर्वत्र प्रंशसा हुई। अन्य राज्यों ने उनकी योजनाओं को अपनाया। देश के सभी मुख्यमंत्रियों की सामूहिक बैठक में उनकी सराहना हुई और इंडिया टुडे के सर्वे में वह देश के प्रथम मुख्यमंत्री के तौर पर उभरे,जिन्होंने संवेदनशीलता के साथ प्रांत में विकास योजनाओं को चलाया।
अपने तीसरे शासनकाल में शासन संभालने के साथ 55 लाख कर्जदार किसानों के ऋणमाफी की घोषणा की और 22 दिन में 19 लाख किसानों का 50 रूपए से लेकर 3 लाख रूपए तक का कर्ज माफ किया। कुल 24 लाख किसानों को 30 नवम्बर 2018 तक का कर्ज माफ किया गया। अब तक कॉर्पोरेटिव बैंकों से जुड़े 5.52 लाख लघु किसान व 6.10 लाख सीमांत किसान व 7.13 लाख किसानों को पहली किस्त माफ करते हुए 17 हजार करोड़ से अधिक कर्ज की मुक्ति मिली। उन्होंने जो कहा था, वह वादा 2 दिन में पूरा किया।
इसके अलावा बीपीएल परिवारों को 1 रूपए किलो की दर से गेहंू देने, छात्राओं को सरकारी कॉलेज और विश्वविद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा देने, मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत शिक्षित बेरोजगारों को आर्थिक भत्ता देने, जिसमें महिलाओं को 3500 और पुरूष को 3000 रूपए प्रतिमाह मिलेगा। बेणेश्वर धाम विकास बोर्ड के गठन का प्रावधान किया। आपदा राहत का पैसा सीधे बैंक खातों में पंहुचाने की व्यवस्था की घोषणा की। नए फैसले के अनुसार 75 साल से अधिक उम्र वालों को 1000 रू. पेंशन दी जाएगी, किसानों को 750 रूपए की पेंशन दी जाएगी, किसानों को वृद्धावस्था पेंशन भी दी जाएगी। नि:शुल्क दवा योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा। 600 नए दवा वितरण केंद्र खोले जाएंगे। सरकार निर्यात को बढ़ाने के लिए नवीन उद्योग नीति लागू करेगी, बगैर लाईसेंस आदि के उद्योग लगाए जा सकेगें। इंदिरा गांधी फीडर में मरम्मत के लिए 812 करोड़ के काम प्रस्तावित किए गए। ग्राम पंचायतों में अभी 8000 वाई-फाई हॉटस्पॉट हैं। अब इन्हें बढ़ा कर 20,000 किया जाएगा। नरेगा में नियोजित श्रमिक बढ़े। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में कैंसर, हृदय व अन्य रोगों से संबंधित दवाएं भी उपलब्ध होगी। हरदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय एवम् विधि विश्वविïद्यालय विधेयक प्रस्तुत किए गए। स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन, चिकित्सा सुविधाओं में वृद्धि, गौशालाओं को अनुदान में वृद्धि की। दुर्घटनाग्रस्त लोगों को नि:शुल्क उपचार व सहायता राशि में वृद्धि की।

सैनिक कल्याण में अभूतपूर्व वृद्धि
गहलोत सरकार ने सैनिक बल एवं अर्द्ध सैनिक बलों के शहीद हुए सैनिकों के परिजनों एवं स्थाई युद्ध विकलांग सैनिकों को देय सहायता एवं सुविधा पैकेज में बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिए हैं। अब शहीदों के आश्रितों को 50 लाख रुपए तक तथा स्थाई युद्ध विकलांग सैनिकों को 30 लाख रुपए तक नकद सहायता राशि मिल सकेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद इस संबंध में घोषणा की थी।
संशोधित पैकेज के अनुसार अब शहीद का परिवार कुल 50 लाख रुपए नकद अथवा 25 लाख रुपए नकद के साथ इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र फेज-द्वितीय में 25 बीघा भूमि अथवा 25 लाख रुपए नकद के साथ राजस्थान आवासन मण्डल के एक एमआईजी आवास का विकल्प चुन सकता है।
सरकार द्वारा पूर्व की भांति शहीद परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी, शहीद के बच्चों को राजकीय विद्यालय, कॉलेज, तकनीकी शिक्षा, मेडिकल एवं इंजीनियरिंग में नि:शुल्क शिक्षा, पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति तथा माता-पिता को 3 लाख रुपए की सावधि जमा भी देय होगी। इसके साथ ही, सहायता एवं सुविधा पैकेज में परिवार के सदस्य को कृषि भूमि पर ‘आउट ऑफ टर्न‘ आधार पर विद्युत कनेक्शन, शहीद की पत्नी एवं आश्रित बच्चों और शहीद के माता-पिता को राजस्थान रोडवेज की डीलक्स एवं साधारण बसों में नि:शुल्क यात्रा के लिए पास सुविधा तथा एक विद्यालय, औषधालय, चिकित्सालय, पंचायत भवन, मार्ग, पार्क अथवा अन्य सार्वजनिक स्थान का नामकरण शहीद के नाम पर किया जाना भी शामिल है।
इसी प्रकार स्थाई युद्ध विकलांग सैनिक 5 लाख रुपए नकद के साथ इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र फेज - द्वितीय में 25 बीघा भूमि या 30 लाख रुपए नकद में से एक विकल्प चुन सकेंगे। इसके साथ ही पूर्व की भांति स्थाई युद्ध विकलांग सैनिक या उसके आश्रित पुत्र अथवा पुत्री को सरकारी नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जनता द्वारा उन्हें प्रदत्त सम्मान प्रतीकों को भी नीलाम कराकर, आम जनता से करोड़ों रूपए की राशि व मकानों के फ्लैट एकत्रित किये और कहा कि सैनिकों के कल्याण में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

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