press-vani
  • press-vani
  • press-vani
  • press-vani
पुष्कर में मुच्छड़ों का जमावड़ा

अंतराष्ट्रीय पुष्कर मेले का पांचवा दिन धार्मिक स्नान के साथ शुरू हुआ, जिसके बाद शुक्रवार को मेला स्टेडियम में विभिन्न खेलकूद एवं पशु प्रतियोगिता आयोजित हुई। सबसे पहले मूंझ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेशभर से आए लोगों ने अपनी मूंछों का प्रदर्शन किया। विदेशी दम्पत्ति के लिए साफा बांध और तिलक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विदेशी महिला ने अपने साथी पुरुष को साफा बांधकर तिलक लगाया।
शुक्रवार सुबह पुष्कर के धार्मिक मेले का शुभारंभ हुआ। आध्यात्मिक यात्रा निकाली गई, जो गुरुद्वारे से आरंभ होकर नया रंगजी मंदिर, वराह घाट, गऊघाट, ब्रह्म चौक, ब्रह्मा मंदिर से कपालेश्वर महादेव तिराहे होते हुए मेला ग्राउंड पहुंची। यात्रा का विभिन्न संगठनों व नगर वासियों की ओर से जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इस दौरान अलग-अलग झांकियां भी सजाई गई। राजस्थानी लोक कलाकार लोक नृत्य व भजन मंडलियां रामधुनी, भजन कीर्तन करते हुए निकलीं।
पंचतीर्थ स्नान के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। वहीं विभिन्न समुदायों के साधु संतों ने यहां मठ, मंदिर व आश्रमों में अपने पड़ाव डाल लिए हैं। इसके अलावा नागा समाज व अन्य संप्रदायों के साधुओं ने सरोवर किनारे व धार्मिक स्थलों पर अपना डेरा जमा रखा है। साधु संत विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
बीते दस दिनों से परवान चढ रहा पशु मेला धीरे-धीरे सिमटने लग गया है। धोरे खाली होने लग गए हैं। मेले में गुरुवार की शाम तक कुल 6843 पशु आए। इनमें से 660 ऊंट व 953 घोड़े समेत कुल 1614 मवेशियों की खरीद-फरोख्त हुई है, जिससे पशुपालकों के बीच 3 करोड़ 89 लाख 54 हजार 50 रुपए का लेनदेन हुआ है। अधिकतम 3 लाख 30 हजार रुपए कीमत की घोड़ी बिकी है।

press-vani
हम लोगों की बात...
press-vani ad