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आर्थिक असमानता से अमीरों का पलायन

दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और व्यापार करने में सबसे आसान देश का दर्जा मिलने से खुश हो रहे भारतीय ये जानकर हैरान हो सकते हैं कि देश के धनपति अमीर-गरीब के बीच बढते अंतर को देख विदेशों में बस रहे हैं। एक रिपोर्ट में ये खुलासा किया गया है, जो एक तरह से देश के लिए झटका है।
रिपोर्ट के अनुसार विदेश में रहने की इच्छा रखने वाले लोग बड़ी संख्या में देश छोड़कर जा रहे हैं। यह आंकड़ा दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। अफरासिया बैंक और न्यू वर्ल्ड वेल्थ की ओर से कराए गए एक ग्लोबल वेल्थ माइग्रेशन रिव्यू 2019 में पता चला कि पिछले साल ही भारत से बहुत सारे धनी व्यक्ति देश छोड़कर चले गए। साल 2018 में करीब 5000 करोड़पति और अच्छी-संपत्ति रखने वाले लोगों ने देश को छोड़ दिया, जो भारत के कुल पैसेवालों का 2 फीसदी है। वर्ष 2018 में भारत छोड़कर जाने वाले करोड़पतियों की संख्या ब्रिटेन से कहीं ज्यादा रही। ब्रेक्सिट के कारण ब्रिटेन में उथल-पुथल मची हुई है। हालांकि पिछले तीन दशकों में ब्रिटेन आकर बसने वाले करोड़पति लोगों की संख्या में तेजी आई थी, लेकिन पिछले दो सालों में ब्रेक्सिट के कारण यह ट्रेंड पलट गया है और अब लगातार ग्राफ गिरता जा रहा है।
देश छोड़ने वालों में चीन सबसे ऊपर है। अमेरिका के साथ व्यापार जंग से उसकी अर्थव्यवस्था पर असर दिखना शुरू हो गया है। रूस इस सूची में दूसरे स्थान पर है और भारत से आगे है। रूसी अर्थव्यवस्था कई उतार-चढ़ाव के प्रभावों से जूझ रही है। पलायन करने वाले करोड़पति लोगों के लिए बसने की सबसे अच्छी जगह अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में असामनता तेजी से बढ़ रही है। देश में कुल संपत्ति के आधे के मालिक करोड़पतियों यानी अच्छी-संपत्ति रखने वालों के पास है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमीर-गरीब के बीच बढता अंतर ही करोड़पतियों के देश छोड़ने की प्रमुख वजह बनकर उभर रही है।

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