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आउट स्टोक्स को पवेलियन से बुलाया

वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड के बीच सेंट लूसिया में चल रहे तीसरे टेस्ट के पहले दिन कुछ और ही देखने को मिला। बेन स्टोबक्स कैच आउट हो गए थे। निराश होकर वह ड्रेसिंग रूम में भी वापस पहुंच गए। उनकी जगह जॉनी बेयरस्टो मैदान पर आ गए, लेकिन अंपायर ने स्टोक्स को वापस मैदान पर बुलाकर उनसे बल्लेबाजी करवाई।
स्टोक्स जब पवेलियन लौटे थे तो उस समय उन्होंने 52 रन बनाए थे और अब जीवनदान मिलने के बाद वह 62 रन बनाकर खेल रहे हैं। दरअसल 2017 में आईसीसी के एक बदले नियम ने स्टो क्सख को आउट होने से बचा लिया। हुआ यूं कि 70वें ओवर में कैरेबियाई गेंदबाज अल्जालरी जोसेफ के ओवर की आखिरी गेंद पर स्टोकक्से ने पुल शॉट खेला और गेंद सीधे बॉलर के हाथों के चली गई। निराश स्टो्क्से पवेलियन लौटे और पारी का आगे बढ़ाने के लिए बेयरस्टों मैदान पर आ गए। लेकिन जब थर्ड अंपायर ने गेंद जांची तो वह नोबॉल निकली। इसके बाद स्टो्क्से को तुरंत वापस बुला लिया गया।
नियम के अनुसार एक बार अगर कोई बल्लेुबाज मैदान से बाहर चला जाता है, तो उसे वापस नहीं बुलाया जा सकता। फिर चाहे अंपायर ने गलत फैसला ही क्योंे ना लिया हो, लेकिन अप्रेल 2017 में इस नियम में बदलाव हुआ था, जिसके कारण स्टोलक्सत को जीवनदान मिल गया। क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्थाक मेरिलबॉन क्रिकेट क्ल ब ने क्रिकेट आचार संहिता की धारा 31.7 में संशोधन किया था और गलतफहमी में विकेट छोड़ देने का नया नियम बल्लेसबाज को वापस बुलाने का रास्ताक खुला रखता है। इस नियम को अक्टूाबर 2017 में लागू किया गया, जिसके तहत अंपायर्स को यह अधिकार दिया गया कि यदि वह इस बात से संतुष्टन है कि बल्लेसबाज गलतफहमी के चलते मैदान से बाहर गया है तो वह उसे वापस बुला सकते हैं।
ऐसी स्थिति में अंपायर उस गेंद को डेड बॉल करार देगा, जिससे फील्डिंग करने वाली टीम आगे कोई कारवाई न कर सके। अगली डिलीवरी होने से पहले अंपायर बल्लेटबाज को किसी भी समय तत्काडल बुला सकता है, बस वह पारी का आखिरी विकेट न हो। आखिरी विकेट होने पर बल्लेुबाज को वापस तब ही बुलाया जा सकता है, जब तक अंपायर्स ने मैदान न छोड़ा हो।

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